वियतनाम के Phu Quoc द्वीप के पास एक पर्यटक नाव के पलट जाने से जान गंवाने वाले 15 भारतीयों में केरल के कोल्लम ज़िले के Kottarakkara के AC Thomas (57) और उनकी पत्नी Loveni Thomas (56) भी शामिल थे। यह खबर केरल में उनके समुदाय को झकझोर गई थी। मंगलवार को दोनों के शव भारत वापस लाए गए। इस दुखद घटना ने थॉमस परिवार को गहरा सदमा दिया है, लेकिन शवों के घर लौटने से उन्हें थोड़ी शांति मिली है।

मुख्य बातें
  • कोल्लम, केरल के AC Thomas (57) और Loveni Thomas (56) वियतनाम नाव हादसे के शिकार हुए।
  • यह जोड़ा उन 15 भारतीयों में शामिल था जिनकी Phu Quoc द्वीप के पास नाव पलटने से मौत हुई।
  • शव भारत वापस लाए गए, जिससे शोक संतप्त परिवार को अंतिम संस्कार करने का मौका मिला।
  • हादसे की खबर ने पूरे समुदाय को झकझोर कर रख दिया था।

वियतनाम नाव त्रासदी: कोल्लम के थॉमस दंपति की दुखद कहानी

AC Thomas और Loveni Thomas ने शायद कभी सोचा भी नहीं होगा कि उनकी वियतनाम यात्रा ऐसी त्रासदी में बदल जाएगी। Kottarakkara के रहने वाले यह दंपति उन सैकड़ों भारतीय पर्यटकों में से थे जो हर साल खूबसूरत Phu Quoc द्वीप घूमने जाते हैं। लेकिन 57 साल के AC Thomas और 56 साल की Loveni Thomas के लिए यह यात्रा आखिरी साबित हुई। एक टूरिस्ट नाव समुद्र में पलट गई और 15 भारतीय पर्यटकों की जान चली गई। सोचो ज़रा, घर से निकले थे छुट्टियों पर, लेकिन वापस लौटे ताबूत में। यह बड़ी बात है।

सरकारी अधिसूचना के अनुसार, इस हादसे की खबर आते ही पूरे केरल में शोक की लहर दौड़ गई थी। खासकर कोल्लम के Kottarakkara में, जहां थॉमस परिवार का गहरा नाता रहा है। वहां के लोगों ने एक ऐसे मिलनसार दंपति को खोया है जो अपने समुदाय में काफी लोकप्रिय थे। उनके घर पर मातम पसरा है, और अंतिम संस्कार के बाद भी यह दुख शायद लंबे समय तक बना रहेगा।

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भारत सरकार और स्थानीय प्रशासन की भूमिका

इस दुखद घटना के बाद भारत सरकार ने तुरंत हरकत में आते हुए वियतनाम प्रशासन से संपर्क किया था। विदेश मंत्रालय के अधिकारियों ने शवों को वापस लाने की प्रक्रिया में तेज़ी लाने के लिए वियतनाम में भारतीय दूतावास के साथ लगातार समन्वय स्थापित किया। देखिए, ऐसे संवेदनशील मामलों में सरकारी मशीनरी का तेज़ी से काम करना बहुत ज़रूरी होता है, खासकर जब पीड़ित विदेशी धरती पर हों।

स्थानीय केरल सरकार ने भी इस मामले पर गहरी चिंता जताई थी। मुख्यमंत्री कार्यालय ने परिजनों को हर संभव सहायता का आश्वासन दिया। शवों को लाने की पूरी प्रक्रिया में सरकारी प्रतिनिधियों ने परिवार के साथ लगातार संपर्क बनाए रखा। यह दिखाता है कि संकट के समय में कैसे सरकार अपने नागरिकों के साथ खड़ी होती है, चाहे वे देश में हों या विदेश में।

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समुदाय पर त्रासदी का गहरा असर

Kottarakkara का छोटा सा समुदाय AC Thomas और Loveni Thomas को जानता था। यह आंकड़ा उनके लिए सिर्फ एक संख्या नहीं, बल्कि एक असली नुकसान है। पास की मस्जिद के इमाम ने बताया, “यह खबर हमारे पूरे इलाके के लिए एक बड़ा सदमा है। हमने एक प्यारे दंपति को खो दिया।” यह हादसा सिर्फ एक परिवार का नहीं, बल्कि पूरे समुदाय का दुख है।

ऐसे हादसे अक्सर यात्रा सुरक्षा और विदेशी पर्यटन के नियमों पर सवाल उठाते हैं। पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना स्थानीय टूर ऑपरेटरों और सरकारों दोनों की ज़िम्मेदारी है। उम्मीद है कि इस त्रासदी से सबक लेते हुए भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए पुख्ता कदम उठाए जाएंगे। कोर्ट के बाहर याचिकाकर्ता की माँ पहले से ही फोन पर थीं — बेटे को खबर दे रही थीं।

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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

वियतनाम नाव हादसे में कितने भारतीय मारे गए?

सीधी बात, वियतनाम के Phu Quoc द्वीप के पास हुए नाव हादसे में कुल 15 भारतीय नागरिकों की जान गई थी।

केरल के कौन से दंपति इस घटना में मारे गए?

केरल के कोल्लम ज़िले के Kottarakkara के AC Thomas (57) और उनकी पत्नी Loveni Thomas (56) इस दुखद घटना के शिकार हुए थे।

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शवों को भारत कब वापस लाया गया?

सरकारी अधिसूचना के अनुसार, AC Thomas और Loveni Thomas के शवों को मंगलवार को वियतनाम से भारत वापस लाया गया।