भेड़-बकरी पालकों के लिए खुशखबरी: मात्र ₹27 खर्च करें और पाएं ₹6,000 का बीमा.. आंध्र प्रदेश सरकार की नई योजना ने किसानों को दी बड़ी राहत!
खेती-किसानी के साथ-साथ पशुपालन भारत के ग्रामीण इलाकों की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। विशेष रूप से भेड़ और बकरी पालने वाले किसानों के लिए एक छोटी सी बीमारी या प्राकृतिक आपदा भारी नुकसान लेकर आती है। किसानों के इसी दर्द को समझते हुए आंध्र प्रदेश की गठबंधन सरकार ने एक क्रांतिकारी योजना शुरू की है। इस योजना का नाम है ‘पशु बीमा योजना’ (Pashu Beema Pathakam)। इस योजना के तहत सरकार बीमा प्रीमियम पर 85 प्रतिशत की भारी सब्सिडी दे रही है।
अनाकापल्ली जिले के कोठापट्टनम सचिवालय की पशु चिकित्सा सहायक आशा के अनुसार, यह योजना अगस्त 2026 के पहले सप्ताह से प्रभावी हो गई है और इससे छोटे पशुपालकों को सड़क पर आने से बचाया जा सकेगा।
प्रीमियम का गणित: किसानों पर कोई बोझ नहीं
अक्सर बीमा के नाम पर किसानों को भारी किश्तें याद आती हैं, लेकिन इस योजना में ऐसा नहीं है। योजना के नियमों के अनुसार:
एक भेड़ या बकरी के लिए ₹6,000 का बीमा कवर तय किया गया है।
इसके लिए कुल वार्षिक प्रीमियम ₹180 है।
सरकार इसमें से 85% यानी ₹153 खुद वहन करेगी।
पशुपालक को अपनी जेब से केवल 15% यानी मात्र ₹27 देने होंगे।
यानी एक कप चाय की कीमत से भी कम में आप अपने एक पशु का पूरे साल के लिए बीमा करवा सकते हैं।
बड़ा फायदा: ₹1,080 के निवेश पर ₹2.4 लाख का सुरक्षा कवच
इस योजना की ताकत को इस तरह समझिए कि अगर किसी पशुपालक के पास 40 भेड़ या बकरियां हैं, तो उसे कुल मिलाकर मात्र ₹1,080 का प्रीमियम भरना होगा। भगवान न करे अगर किसी बीमारी या आपदा में उन पशुओं की जान जाती है, तो उसे बीमा कंपनी से कुल ₹2,40,000 (दो लाख चालीस हजार रुपये) का मुआवजा मिलेगा। यह सुरक्षा छोटे किसानों को आर्थिक तबाही से बचाने के लिए पर्याप्त है।
योजना की मुख्य शर्तें:
बीमा केवल उन्हीं पशुओं का होगा जिनकी उम्र कम से कम 6 महीने या उससे अधिक है।
किसी भी आकस्मिक दुर्घटना या बीमारी के कारण पशु की मृत्यु होने पर ₹6,000 प्रति पशु का मुआवजा दिया जाएगा।
यह बीमा एक वर्ष की अवधि के लिए मान्य होगा।
कैसे करें आवेदन?
योजना का लाभ उठाना बहुत आसान बनाया गया है। इच्छुक किसान अपने गांव के नजदीकी ग्राम सचिवालय, 'रायथू सेवा केंद्र' (RSK) या सरकारी पशु चिकित्सालय (Government Veterinary Hospital) में जा सकते हैं। वहां मौजूद पशु चिकित्सा सहायक आवेदन प्रक्रिया में आपकी पूरी मदद करेंगे।
निष्कर्ष
आंध्र प्रदेश सरकार की यह पहल उन गरीब परिवारों के लिए उम्मीद की किरण है जो पशुपालन के जरिए अपनी आजीविका चलाते हैं। मात्र ₹27 के निवेश पर ₹6,000 की सुरक्षा मिलना अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है। विशेषज्ञों का कहना है कि किसानों को बिना देरी किए अपने सभी पशुओं का बीमा करा लेना चाहिए ताकि भविष्य में किसी भी अप्रत्याशित नुकसान से बचा जा सके। पशुओं का समय पर बीमा कराना न केवल आपकी जिम्मेदारी है, बल्कि आपकी आर्थिक सुरक्षा का आधार भी है।




