IPS बनाम पुलिस: उदय कृष्णा रेड्डी ने खोले पुलिस की प्रताड़ना के राज.. CP सज्जनार पर एनकाउंटर की धमकी का आरोप, थर्राया महकमा!
तेलंगाना पुलिस विभाग में इन दिनों एक ऐसा मामला गरमाया हुआ है जिसने कानून व्यवस्था और पुलिस की कार्यप्रणाली पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। यह मामला है ट्रेनी IPS अधिकारी उदय कृष्णा रेड्डी का। एक महिला ट्रेनी IPS अधिकारी के साथ बदसलूकी और यौन उत्पीड़न के आरोप में गिरफ्तार उदय कृष्णा रेड्डी ने अब पुलिस पर ही मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने अदालत में जो बयान दिया है, उसने हैदराबाद पुलिस के बड़े अधिकारियों की नींद उड़ा दी है।
हिरासत में क्या हुआ?
अत्तापुर पुलिस ने उदय कृष्णा रेड्डी को अपनी हिरासत में लेकर पूछताछ की थी। पूछताछ खत्म होने के बाद जब उन्हें उप्परपल्ली कोर्ट में मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया, तो उदय फूट-फूटकर रोने लगे। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने उनके साथ अपराधी जैसा व्यवहार किया और उन्हें शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया। उन्होंने बताया कि उन्हें ऐसे कमरों में ले जाया गया जहाँ CCTV कैमरे नहीं थे, जो कि कानून के खिलाफ है।
CP सज्जनार पर सनसनीखेज आरोप
उदय कृष्णा रेड्डी के आरोपों की फेहरिस्त में सबसे बड़ा नाम हैदराबाद के CP सज्जनार का है। उदय ने मजिस्ट्रेट को बताया कि CP सज्जनार खुद अत्तापुर पुलिस स्टेशन आए थे। उदय का दावा है कि CP ने उन्हें बहुत गंदी गालियां दीं और धमकी दी कि वे उनके परिवार के सदस्यों का 'एनकाउंटर' कर देंगे। एक IPS अधिकारी द्वारा दूसरे बड़े अधिकारी पर इस तरह के आरोप लगाना बेहद गंभीर मामला माना जा रहा है।
उदय के वकीलों ने कोर्ट को बताया कि उन्हें टास्क फोर्स के दफ्तर ले जाया गया और वहां बुरी तरह मारा-पीटा गया। इतना ही नहीं, उदय ने यह भी सवाल उठाया कि उनकी जांच में एक रिटायर्ड ACP पूर्णचंद्र राव क्या कर रहे थे?
कोर्ट ने थमाया शो-कॉज नोटिस
मजिस्ट्रेट ने उदय कृष्णा रेड्डी के बयानों को गंभीरता से लेते हुए अत्तापुर इंस्पेक्टर को कारण बताओ (Show-cause) नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने पुलिस से पूछा है कि सुप्रीम कोर्ट के नियमों का उल्लंघन करते हुए बिना CCTV वाले स्थानों पर पूछताछ क्यों की गई? कोर्ट ने दो दिनों के भीतर इस पर लिखित स्पष्टीकरण मांगा है। अब अत्ताపుర पुलिस इस मामले में फंसती नजर आ रही है।
पूर्व CBI डायरेक्टर की चिट्ठी से मचा हड़कंप
इस विवाद के बीच पूर्व CBI डायरेक्टर एम. नागेश्वर राव भी उदय कृष्णा रेड्डी के समर्थन में आ गए हैं। उन्होंने तेलंगाना के DGP सीवी आनंद को एक पत्र लिखा है। नागेश्वर राव ने मांग की है कि इस मामले की जांच तुरंत CID को सौंपी जाए। उन्होंने अपने पत्र में कई महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं:
शुरुआत में जो शिकायत दर्ज हुई थी, उसमें 'बलात्कार' और 'हत्या के प्रयास' के आरोप नहीं थे, तो ये बाद में कैसे जुड़ गए?
क्या उदय कृष्णा रेड्डी की गिरफ्तारी से पहले कानूनी प्रक्रियाओं का पालन किया गया?
हिरासत में टॉर्चर के आरोपों की एक स्वतंत्र जांच होनी चाहिए।
क्या है मामला की गहराई?
इस मामले ने अब पुलिस विभाग के भीतर की गुटबाजी और जांच के तरीकों पर बहस छेड़ दी है। जहाँ एक तरफ पुलिस का कहना है कि उदय पर लगे आरोप गंभीर हैं, वहीं उदय का दावा है कि उन्हें फंसाया जा रहा है और डराया जा रहा है। उदय ने घोषणा की है कि वे उन सभी पुलिसकर्मियों पर मुकदमा दर्ज कराएंगे जिन्होंने उनके साथ दुर्व्यवहार किया है।
निष्कर्ष
IPS उदय कृष्णा रेड्डी का यह केस अब केवल एक आपराधिक मामला नहीं रह गया है, बल्कि यह कानून के रखवालों के बीच की लड़ाई बन चुका है। अगर उदय के आरोप सही साबित होते हैं, तो कई बड़े अधिकारियों पर गाज गिर सकती है। वहीं, अगर ये आरोप झूठे निकले, तो उदय के करियर पर हमेशा के लिए विराम लग सकता है। आने वाले दिनों में DGP की कार्रवाई और कोर्ट का फैसला इस गुत्थी को सुलझाएगा।




