DC रिव्यू: खूनी 'देवदास' के रूप में लोकेश कनगराज का धमाकेदार डेब्यू.. वमिका गब्बी और अनिरुद्ध ने फिल्म में फूँकी जान!
साउथ सिनेमा के मशहूर निर्देशक लोकेश कनगराज, जो अपनी शानदार एक्शन फिल्मों के लिए जाने जाते हैं, अब स्क्रीन के सामने एक नई भूमिका में नजर आए हैं। उनकी पहली फिल्म 'DC' (देवदास चंद्रा) सिनेमाघरों में दस्तक दे चुकी है। इस फिल्म का निर्देशन अरुण मथेश्वरन ने किया है, जो अपनी स्टाइलिश और हिंसक फिल्मों के लिए प्रसिद्ध हैं। यह फिल्म क्लासिक उपन्यास 'देवदास' का एक नया और डार्क वर्जन है। आइए जानते हैं कि यह फिल्म दर्शकों की उम्मीदों पर कितनी खरी उतरी है।
कहानी की झलक:
फिल्म की कहानी साल 2011 के इर्द-गिर्द घूमती है। मुख्य किरदार दास (लोकेश कनगराज) एक खतरनाक गैंगस्टर है, जो अपने साथियों के साथ मिलकर पुलिस के हथियार लूट लेता है और एक इंस्पेक्टर की हत्या कर देता है। इसके बाद पूरी पुलिस फोर्स उसके पीछे पड़ जाती है। पुलिस ऑफिसर भोजराज दास के गैंग का सफाया करने की कसम खाता है।
भागते हुए दास की मुलाकात पार्वती (संजना) से होती है, लेकिन पुलिस की दबिश के कारण उनका साथ छूट जाता है। फिर दास की जिंदगी में आती है चंद्रा (वमिका गब्बी), जो एक सेक्स वर्कर है। दास उसे उसकी नर्क जैसी जिंदगी से आजाद कराता है। इसके बाद दास और चंद्रा की एक खतरनाक यात्रा शुरू होती है, जहाँ प्यार, हिंसा और बदला सब एक साथ देखने को मिलता है। क्या दास पुलिस के चंगुल से बच पाएगा? यही इस फिल्म का रोमांच है।
लोकेश कनगराज का अभिनय:
इस फिल्म का सबसे बड़ा सरप्राइज लोकेश कनगराज का अभिनय है। एक निर्देशक होने के नाते उनसे उम्मीदें तो थीं, लेकिन उन्होंने एक अनुभवी अभिनेता की तरह काम किया है। 'दास' के किरदार में उनकी खामोशी और उनकी आंखों की तीव्रता दर्शकों को प्रभावित करती है। उन्होंने शराबी गैंगस्टर के किरदार को बहुत ही सहजता से निभाया है। एक्शन सीन्स में भी उनका अंदाज काफी स्टाइलिश और रियल लगता है। लोकेश ने साबित कर दिया है कि वे न केवल एक अच्छे कहानीकार हैं, बल्कि एक सक्षम अभिनेता भी हैं।
वमिका गब्बी का जादू:
वमिका गब्బి ने 'चंद్రా' के किरदार में जबरदस्त जान फूँकी है। उनकी आंखों के भाव और उनकी स्क्रीन प्रेजेंस बहुत ही प्रभावशाली है। फिल्म के दूसरे हिस्से में वमिका पूरी तरह से छा जाती हैं। दास और चंद्रा की जोड़ी पर्दे पर काफी फ्रेश और दिलचस्प लगती है। संजना ने भी पार्वती के रूप में अच्छा काम किया है, हालांकि उनका स्क्रीन टाइम थोड़ा कम है। विलेन के रूप में भोजराज का किरदार निभाने वाले कलाकार ने अपने अभिनय से नफरत पैदा करने में सफलता हासिल की है।
तकनीकी पक्ष और निर्देशन:
अरुण मथेश्वरన్ का निर्देशन बहुत ही स्टाइलिश है। उन्होंने हिंसा को एक आर्ट की तरह पेश किया है। फिल्म की सिनेमेटोग्राफी (मुकेश जी द्वारा) कमाल की है। फिल्म के रंग और फ्रेम इसे एक इंटरनेशनल फिल्म जैसा लुक देते हैं।
फिल्म की जान अनिरुद्ध रविचందర్ का संगीत है। अनिरुद्ध ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वे बीजीएम (BGM) के बादशाह हैं। फिल्म का बैकग्राउंड स्कोर हर सीन के रोमांच को कई गुना बढ़ा देता है। एक्शन सीन्स में उनका संगीत रोंगటే खड़े कर देता है। एडिटिंग भी काफी क्रिस्प है, जिससे फिल्म की रफ्तार बनी रहती है।
खूबियां:
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लोकेश कनगराज का शानदार एक्टिंग डेब्यू।
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वमिका गब्बी की दिल जीतने वाली परफॉरमेंस।
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अनिरुद्ध का धमाकेदार बैकग्राउंड स्कोर।
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स्टाइलिश विजुअल्स और एक्शन सीन्स।
कमियां:
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अत्यधिक हिंसा (शायद हर किसी को पसंद न आए)।
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कहानी में कुछ दोहराव महसूस हो सकता है।
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सेकंड हाफ में फिल्म की गति थोड़ी धीमी हो जाती है।
निष्कर्ष:
'DC' एक ऐसी फिल्म है जिसे खास तौर पर उन लोगों के लिए बनाया गया है जो स्टाइलिश गैंगस्टर ड्रामा पसंद करते हैं। लोकेश कनगराज का अभिनय इस फिल्म का मुख्य आकर्षण है। अगर आप 'दबंग' एक्शन और एक इमोशनल कहानी का मिश्रण देखना चाहते हैं, तो 'DC' आपके लिए एक बेहतरीन विकल्प है। इसे सिनेमाघर के बड़े पर्दे पर देखना एक अलग ही अनुभव होगा।




