‘The Last House’ Ending Explained: क्या वो जीव एलियंस थे? जानिए फिल्म के अंत और ‘हेलो’ वाली रहस्यमयी आवाज का सच!

नेटफ्लिक्स की हालिया रिलीज ‘The Last House’ ने दर्शकों के रोंगटे खड़े कर दिए हैं। ग्रेटा ली और वैगनर मौरा अभिनीत यह फिल्म एक ऐसे परिवार की कहानी है जो अपने ही घर में कैद हो जाता है। बाहर मूसलाधार बारिश हो रही है और उस बारिश में कुछ धुंधली और डरावनी आकृतियां घूम रही हैं। फिल्म खत्म होने के बाद हर किसी के मन में यही सवाल है कि आखिर वो जीव कौन थे और क्लाइमेक्स का असल मतलब क्या है? निर्देशक लुईस लेटेरियर और फिल्म की टीम ने इन सभी रहस्यों पर से पर्दा उठाया है।


वो एलियंस नहीं, धरती के पुराने निवासी हैं!

Also Read: Awarapan 2 मूवी रिव्यू: इमरान हाशमी के 'शिवम' की तकनीकी रूप से शानदार लेकिन भावहीन वापसी

फिल्म देखने के दौरान बहुत से लोगों को लगा होगा कि वे जीव अंतरिक्ष से आए एलियंस हैं। लेकिन निर्देशक लुईस लेटेरियर ने स्पष्ट किया है कि वे ‘प्राचीन समुद्री निवासी’ (Ancient Ocean Dwellers) हैं। वे इंसानियत के पैदा होने से बहुत पहले से इसी धरती पर रह रहे थे। असल में यह उनका ग्रह है और हम यहाँ बाहरी हैं।

तो फिर वे अब बाहर क्यों आए? इसका कारण है इंसानों द्वारा फैलाया गया प्रदूषण और ग्लोबल वार्मिंग। इंसानों ने समुद्र के तापमान को इतना बढ़ा दिया कि उन जीवों का वहां रहना मुश्किल हो गया। वे अब अपनी धरती को वापस पाने के लिए समुद्र की गहराइयों से बाहर आए हैं। वे इंसानों को यह सिखाने आए हैं कि इस ग्रह को साझा कैसे किया जाता है।

5 साल तक घर में कैसे बचे रहे?

फिल्म में एक बड़ा ‘टाइम जंप’ है, जहाँ दिखाया गया है कि डेलगाडो परिवार उस घर में 5 साल से अधिक समय तक कैद रहा। इतने लंबे समय तक बिना बाहर जाए जिंदा रहना नामुमकिन लगता है, लेकिन फिल्म ने इसे ‘चिमनी फिशिंग’ (Chimney Fishing) के जरिए समझाया है।

Also Read: विश्वनाथ एंड संस’ मूवी अपडेट: सूर्या की फिल्म का बड़ा फैसला, नहीं बढ़ेंगे टिकट के दाम.. जानिए क्या है कहानी!

घर की चिमनी के जरिए उन्होंने बारिश के पानी को इकट्ठा किया और उसी रास्ते से बाहर के छोटे जानवरों को फंसाकर अपना भोजन बनाया। उन्होंने घर के फर्नीचर, कपड़ों और वैक्यूम क्लीनर जैसी चीजों को अपनी उत्तरजीविता (Survival) के लिए बदला। निर्देशक ने बताया कि घर को एक ‘लाइफबोट’ की तरह इस्तेमाल किया गया था जहाँ पिता शिकार करता था और माँ खाना उगाती थी।

क्लाइमेक्स का असली मतलब क्या है?

फिल्म के अंत में वह जीव परिवार को नुकसान पहुंचाए बिना दरवाजा खोलकर छोड़ देता है। ऐसा क्यों हुआ? इसका उत्तर परिवार की छोटी बेटी रूथ के पास था। जहाँ पिता जैसन (वैगनर मौरा) हर खतरे को हिंसा और हथियारों से खत्म करना चाहता था, वहीं रूथ ने महसूस किया कि वे जीव हमला नहीं, बल्कि संवाद (Communication) करना चाहते हैं।

Also Read: DC मूवी रिव्यू: एक्टर के रूप में छा गए लोकेश कनगराज, वमिका गब्बी ने जीता दिल.. अनिरुद्ध का संगीत है बेमिसाल!

जब जैसन ने अपनी बंदूक नीचे रख दी और अपनी बेटी के विश्वास पर भरोसा किया, तो उन जीवों को समझ आ गया कि इंसान अब बदलने के लिए तैयार है। वे चाहते थे कि इंसान प्रकृति पर राज करना छोड़कर उसके साथ मिलकर रहना सीखे। भरोसे की इसी जीत ने परिवार की जान बचाई।

अंत में वह ‘हेलो’ किसने कहा?

फिल्म के बिल्कुल आखिरी सीन में रूथ रेडियो पर पूछती है, “क्या बाहर कोई और बचा है?” तब एक बहुत ही भारी और रहस्यमयी आवाज आती है, “हेलो?”। निर्देशक लेटेरियर ने यह तो नहीं बताया कि वह आवाज किसकी है, लेकिन उन्होंने एक बड़ा हिंट दिया है। उन्होंने कहा कि वह आवाज दुनिया के एक ‘बहुत बड़े और प्रतिष्ठित’ (Very Iconic) व्यक्ति की है। यह आवाज दर्शकों को यह उम्मीद देती है कि दुनिया में अभी भी कुछ लोग जीवित बचे हुए हैं।

शूटिंग के कुछ मजेदार तथ्य

Also Read: नानी की फिल्म 'द पैराडाइज' का टीज़र आउट: 'जदाल' के रूप में नेचुरल स्टार का खूंखार अवतार, क्या टूटेगा 'दसरा' का रिकॉर्ड?

फिल्म के बाढ़ वाले दृश्यों को शूट करने के लिए असली पानी के टैंकों का इस्तेमाल किया गया था। पानी को गंदा और हरा दिखाने के लिए किसी हानिकारक केमिकल का नहीं, बल्कि ‘ब्रोकली’ के मिश्रण का इस्तेमाल किया गया था। कलाकार इसे मजाक में ‘ब्रोకలీ వాటర్’ (ब्रोकली वॉटर) कहते थे।

निष्कर्ष

‘The Last House’ सिर्फ एक डरावनी फिल्म नहीं है, बल्कि यह पर्यावरण और प्रकृति के प्रति हमारी क्रूरता का आईना है। फिल्म का संदेश साफ है: अगर हम प्रकृति के साथ जीना नहीं सीखेंगे, तो प्रकृति हमें खुद सिखाएगी।