कोलंबिया में महाविनाश: 7.4 की तीव्रता वाले भूकंप ने मचाई तबाही.. 132 लोगों की मौत, मलबे में दबी दर्जनों जिंदगियां!
दक्षिण अमेरिकी देश कोलंबिया से एक बहुत ही दुखद और डरावनी खबर सामने आ रही है। पश्चिमी कोलंबिया में सोमवार को 7.4 तीव्रता का एक शक्तिशाली भूकंप आया, जिसने पूरे देश को हिलाकर रख दिया है। इस आपदा में अब तक कम से कम 132 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 570 से अधिक लोग घायल हुए हैं। यह इस सदी में कोलंबिया में आया अब तक का सबसे भीषण भूकंप बताया जा रहा है।
मलबे के नीचे दबी जिंदगियां
भूकंप इतना तेज था कि काली, पेरेरा और मनिजालेस जैसे शहरों में सैकड़ों इमारतें जमींदोज हो गई हैं। राहत और बचाव दल (Rescue Teams) लगातार मलबे को हटाकर फंसे हुए लोगों को निकालने की कोशिश कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि मरने वालों की संख्या और बढ़ सकती है क्योंकि कई लोग अभी भी लापता हैं और भारी कंक्रीट के नीचे दबे हुए हैं। कोलंबिया के जियोलॉजिकल सर्विस के अनुसार, इस मुख्य भूकंप के बाद 21 से अधिक 'आफ्टरशॉक्स' (Aftershocks) महसूस किए गए, जिससे लोगों में दहशत फैल गई।
दिल दहला देने वाले दृश्य
सोशल मीडिया पर इस तबाही के कई वीडियो वायरल हो रहे हैं। एक वीडियो में पेरेरा शहर की एक चार मंजिला इमारत को पलक झपकते ही गिरते हुए देखा जा सकता है। वहीं, मनिजालेस शहर में एक ऐतिहासिक कैथेड्रल का टावर ढह गया और उसका मलबा सड़क पर बिखर गया। सबसे भावुक कर देने वाला दृश्य काली (Cali) शहर से आया, जहाँ बचाव कर्मियों ने मलबे के नीचे से एक छह महीने की बच्ची को जिंदा बाहर निकाला। वह बच्ची और उसकी माँ एक पांच मंजिला इमारत के नीचे दब गई थीं। बच्ची को धूल से लथपथ लेकिन सुरक्षित देखकर लोगों की आंखों में आंसू आ गए।
राष्ट्रपति के लिए पहली बड़ी चुनौती
दिलचस्प बात यह है कि यह आपदा राष्ट्रपति अबेलार्दो डी ला एस्प्रीला के पद संभालने के महज कुछ दिनों बाद ही आई है। नई सरकार के लिए यह पहला बड़ा संकट है। राष्ट्रपति ने तुरंत देश में आपातकाल (Emergency) घोषित कर दिया है ताकि राहत कार्यों के लिए धन की कमी न हो। उन्होंने प्रभावित परिवारों से वादा किया कि "हम लोगों को अकेला नहीं छोड़ेंगे। वे हमारे दिल में हैं और हम पूरी दृढ़ता के साथ उनकी मदद करेंगे।"
तबाही का आंकड़ा
राष्ट्रपति कार्यालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, कम से कम 1,575 घर क्षतिग्रस्त हुए हैं और 61 इमारतें पूरी तरह से ढह गई हैं। इसके अलावा 18 स्वास्थ्य केंद्र और 52 स्कूलों को भारी नुकसान पहुँचा है। चोको (Choco) जैसे गरीब और दुर्गम इलाकों में पहुंचना मुश्किल हो रहा है, जहाँ केवल नाव या विमान से ही जाया जा सकता है। प्रशासन वहां पहुंचने के लिए वैकल्पिक रास्तों की तलाश कर रहा है।
'रिंग ऑफ फायर' और वैज्ञानिक कारण
कोलंबिया का प्रशांत क्षेत्र 'रिंग ऑफ फायर' (Ring of Fire) बेल्ट में आता है। यह प्रशांत महासागर के चारों ओर की एक ऐसी रेखा है जहाँ दुनिया के सबसे अधिक भूकंप और ज्वालामुखी विस्फोट होते हैं। भूकंपविज्ञानी सुज़ैन वैन डेर ली के अनुसार, यह भूकंप जमीन के काफी नीचे था, लेकिन इसकी तीव्रता और झटकों के प्रकार के कारण घनी आबादी वाली घाटियों में बहुत अधिक नुकसान हुआ है। कोलंबिया कई टेक्टोनिक प्लेटों के मिलन बिंदु पर स्थित है, जिससे यहाँ की जमीन हमेशा अस्थिर रहती है।
राहत और बचाव कार्य जारी
वर्तमान में सेना और दमकल विभाग के कर्मचारी आधुनिक उपकरणों और खोजी कुत्तों की मदद से पीड़ितों की तलाश कर रहे हैं। पड़ोसी देशों ने भी मदद का हाथ बढ़ाया है। कोलंबिया के लोग अभी भी जून में पड़ोसी देश वेनेजुएला में आए भूकंपों की यादों से उबर नहीं पाए थे कि अब उन पर यह मुसीबत टूट पड़ी है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले कुछ दिनों तक झटके जारी रह सकते हैं, इसलिए लोगों को जर्जर इमारतों से दूर रहने की सलाह दी गई है।




